Deepak Kapoor

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Deepak Kapoor


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हत्या जिसके लिए कोई सजा नहीं होती

Posted On: 11 Sep, 2015  
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(1) 100 Celebrity Writer Hindi Sahitya में

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भारतीय सुभाष सेना आज भी मानती है जिंदा हैं नेताजी सुभाषचंद्र बोस अजमेर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी 64 सीक्रेट फाइलों के खुलासे के बाद भारतीय सुभाष सेना से जुड़े आजीवन सदस्य सामने आने लगे हैं। उनका दावा है कि देशभर में सुभाष सेना के एक लाख आजीवन सदस्य हैं। हर सदस्य अपने नाम के आगे आज भी ‘सुभाष’ लिखता है। बोस की आजाद हिंद फौज से प्रेरित सुभाष सेना से जुड़े आजीवन सदस्य कई वर्षों से केंद्र सरकार से भारत-ब्रिटेन के बीच 15 अगस्त 1947 को हुए समझौते को रद्द करने आैर मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की लगातार मांग करते आ रहे हैं। इस संधि में नेताजी को द्वितीय विश्व युद्ध का अपराधी घोषित कर भविष्य में कभी भी भारत आने पर ब्रिटेन सरकार को सौंपने के लिए सहमति हुई थी। सेना का दावा है कि झूठे तथ्यों के आधार पर की गई इस संधि के कारण नेताजी भारत नहीं आए। सुभाष सेना के सदस्यों का दावा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज भी जीवित हैं। भारतीय सुभाष सेना का परिचय भारतीय सुभाष सेना के राष्ट्रीय सचिव अजमेर निवासी महेंद्र आर्य ‘सुभाष’ बताते हैं कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित की गई आजाद हिंद फौज से प्रेरित होकर भारतीय सुभाष सेना बनाई गई। सुभाष सेना का मुख्यालय यूपी स्थित गौंडा जिले में है। अरविंद प्रताप सिंह “सुभाष’ राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। देशभर में सेना के एक लाख आजीवन सदस्य हैं आैर इतने ही कार्यकर्ता। अजमेर जिले में 10 आजीवन सदस्य आैर 100 कार्यकर्ता सेना के लिए काम कर रहे हैं। सेना द्वारा देशभर में अब तक एक करोड़ से अधिक पैम्फलेट बांटे जा चुके हैं, जिसमें नेताजी की सच्चाई को लेकर तथ्य हैं। पिछले पंद्रह-बीस सालों में लाखों बैनर छपवाकर जगह-जगह लगवाए जा चुके हैं। सुभाष सेना द्वारा नेताजी से जुड़े प्रामाणिक तथ्यों पर आधारित हजारों किताबें प्रकाशित करवाई जा चुकी हैं। खास बात यह है कि यह सब कुछ जनसहयोग से किया जा रहा है। सुभाष सेना के संस्थापक खुद महान संत सम्राट “सुभाष’ यानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस हैं। यह है सुभाष सेना का राष्ट्रगीत : रूद्रप्रताप त्रिपाठी ‘सुभाष’ द्वारा ‘भारतीय सुभाष सेना का संविधान’ पुस्तक की रचना की गई। इसमें सहदेव प्रसाद मिश्रा ‘सुभाष’ द्वारा सुभाष सेना का राष्ट्रगीत लिखा गया है। जिसके बोल हैं... ‘जय सुभाष जय-जय सुभाष प्यारा देश हमारा है। भारत जननी सबकी जननी यही हमारा नारा है। भारतवासी सब एक हैं, सबने इसे संवारा है। न्यारा है जग से न्यारा है, न्यारा एक सितारा है...जय-जय सुभाष प्यारा देश हमारा है।’ अभी 64 खुली हैं, कुल फाइलें हैं 9995 सुभाष सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद प्रताप सिंह ‘सुभाष’ का कहना है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने संत सम्राट नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 64 गोपनीय फाइलें सार्वजनिक की हैं, जबकि कुल 9995 फाइलें हैं, इनमें से 38 प्रधानमंत्री कार्यालय में हैं आैर 185 केंद्रीय गृह मंत्रालय में हैं। शेष केंद्र सरकार के पास सुरक्षित हैं। 64 फाइलों से यह तो स्पष्ट हो गया है कि नेताजी की मृत्यु प्लेन क्रैश में नहीं हुई। नेताजी पर हो रहे शोध में सामने आया कि रूस में 11 जनवरी 1966 को ताशकंद समझौते में नेताजी सुभाषचंद्र बोस भी मौजूद थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने कहा था कि मैं एक ऐसे शख्स को भारत लेकर आ रहा हूं, जिन्हें देख सभी चौंक जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी बड़ी हलचल अरविंद प्रताप सिंह “सुभाष’ ने बताया कि भारत आैर ब्रिटेन के बीच कुल 911 समझौते हुए थे। यदि संत सम्राट नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक होती हैं तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी हलचल होगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 1985 में माना कि नेताजी की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट कुछ आैर ही बयां करती है। केंद्र सरकार मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे। उसमें स्पष्ट है कि दसनामी बाबा के रूप में संत सम्राट ही असली नेताजी सुभाष चंद्र बोस हैं, जो कि मुजैना आश्रम छोड़कर चले गए। आगे जांच की आवश्यकता है।

के द्वारा:

के द्वारा: एल.एस. बिष्ट् एल.एस. बिष्ट्




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